Monday, 14 October 2013

एक प्रतिबद्ध नवगीतकार - प्रो अनिल जनविजय


अनिल जनविजय
   मास्को, रूस

अवनीश सिंह चैहान एक प्रतिबद्ध नवगीतकार हैं। भारतीय ग्राम्य परिवेश, प्रकृति और मानवता के प्रति गहरी गीतात्मक अनुभूति के धनी इस कवि के पास अनुभव और दृष्टि के साथ लयात्मकता का वह अजस्त्र स्रोत है, जो देखे हुए यथार्थ को नए रूपों में प्रस्तुत करता है। सघन सामाजिकता के साथ शब्द और लय की विरल संगति वाले इस कवि को मेरी सहस्त्र शुभकामनाएँ।



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नवगीत संग्रह ''टुकड़ा कागज का" को अभिव्यक्ति विश्वम का नवांकुर पुरस्कार 15 नवम्बर 2014 को लखनऊ, उ प्र में प्रदान किया जायेगा। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष उस रचनाकार के पहले नवगीत-संग्रह की पांडुलिपि को दिया जा रहा है जिसने अनुभूति और नवगीत की पाठशाला से जुड़कर नवगीत के अंतरराष्ट्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। सुधी पाठकों/विद्वानों का हृदय से आभार।